मंडी: हिमाचल प्रदेश की 'छोटी काशी' कहे जाने वाले मंडी शहर के आराध्य देव बाबा भूतनाथ इन दिनों अपने भक्तों को नित नए और अद्भुत स्वरूपों में दर्शन दे रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में चल रही माखन लेपन की प्राचीन परंपरा के तहत, आज बाबा भूतनाथ का श्रृंगार उत्तर प्रदेश के बाराबंकी (लखनऊ के समीप) स्थित
सुप्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव मंदिर के रूप में किया गया।
माखन से उकेरी गई भव्य कलाकृति तारा रात्रि से शुरू हुई इस विशेष रस्म के दौरान प्रतिदिन बाबा के स्वयंभू शिवलिंग पर मक्खन का लेप लगाकर देश के विभिन्न ज्योतिर्लिंगों और प्रसिद्ध शिवालयों की आकृतियाँ उकेरी जाती हैं।
आज के विशेष श्रृंगार में लोधेश्वर महादेव मंदिर की भव्यता को शिवलिंग पर बड़ी ही बारीकी से दर्शाया गया है। इस अलौकिक दृश्य के दर्शन करने के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने इस स्वरूप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, बाबा भूतनाथ हर वर्ष शिवरात्रि से एक माह पूर्व माखन का चोला धारण करते हैं। लोधेश्वर महादेव का रूप आज इसलिए चुना गया है ताकि भक्त यहाँ बैठे ही उत्तर भारत के उस महान तीर्थ की दिव्यता का अनुभव कर सकें। यह केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि भक्तों की श्रद्धा और महादेव की अनंत शक्ति का मिलन है।
महंत ने आगे बताया कि यह परंपरा राजा अजबर सेन के समय (1527 ई.) से चली आ रही है, जिसका उद्देश्य सर्दियों के मौसम में महादेव को 'घृत कंबल' (मक्खन का कंबल) ओढ़ाकर उनकी सेवा करना है।
महाशिवरात्रि तक चलेगा सिलसिला बता दें कि अगले एक महीने तक बाबा भूतनाथ इसी तरह प्रतिदिन अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे। महाशिवरात्रि से एक दिन पहले इस मक्खन को उतारा जाएगा और भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। वर्तमान में माखन लेपन के चलते शिवलिंग पर जलाभिषेक वर्जित है, केवल दर्शनों की ही अनुमति है।