कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के बीच बेजुबानों का सहारा बने रत्नाड़ी के युवा, कंधों पर ढोया चारा

कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के बीच बेजुबानों का सहारा बने रत्नाड़ी के युवा, कंधों पर ढोया चारा
कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के बीच बेजुबानों का सहारा बने रत्नाड़ी के युवा, कंधों पर ढोया चारा

Published:

कोटखाई (शिमला): ऊपरी शिमला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन दिनों कुदरत का सफेद कहर बरस रहा है। कड़ाके की ठंड और आसमान से गिरती बर्फ के बीच जहाँ आम जनजीवन घरों के भीतर दुबका हुआ है, वहीं कोटखाई की रत्नाड़ी पंचायत के युवाओं ने इंसानियत का एक ऐसा फर्ज निभाया है जिसने सबका दिल जीत लिया है।

इन युवाओं ने भीषण ठंड की परवाह किए बिना बेसहारा पशुओं के लिए मसीहा बनकर चारे का इंतजाम किया।

रत्नाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कई फीट बर्फ जमा होने के कारण चरागाह और सड़कें पूरी तरह ढक चुकी हैं। ऐसे में आवारा और बेसहारा पशुओं के लिए घास का एक तिनका जुटाना भी दूभर हो गया था।

पशुओं को भूख से तड़पता देख रत्नाड़ी के युवाओं की टोली ने खुद कमान संभाली। इन युवाओं ने अपने घरों से घास के भारी-भरकम गट्ठर तैयार किए और उन्हें अपने कंधों पर उठाकर बर्फ से लदी दुर्गम राहों को पार किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि ये युवा घुटनों तक बर्फ में धंसे होने के बावजूद मुस्कुराते हुए पशुओं तक चारा पहुंचा रहे हैं। उन्होंने न केवल चारा खिलाया, बल्कि पशुओं के रहने के लिए सुरक्षित और कम बर्फ वाले स्थानों की भी पहचान की। गांव के बुजुर्गों ने युवाओं के इस सेवा भाव की जमकर सराहना की है।

इस नेक कार्य में जुटे युवाओं का कहना है, बर्फबारी में इंसानों के पास तो सिर छुपाने की जगह और गर्म खाना है, लेकिन ये बेजुबान कहां जाएंगे? हमने बस अपना धर्म निभाया है। उन्होंने अन्य पंचायतों के युवाओं से भी अपील की है कि वे अपने आसपास के बेसहारा पशुओं और पक्षियों के लिए इस कठिन मौसम में थोड़ा सा अन्न और चारा जरूर उपलब्ध कराएं।

स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने युवाओं के इस कार्य को 'सच्ची समाज सेवा' करार दिया है। कड़ाके की ठंड में जब इंसान खुद को बचाने की जद्दोजहद में लगा है, तब रत्नाड़ी के इन युवाओं की यह पहल समाज के लिए एक बड़ी सीख है।

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें