शिमला
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। मैदानी इलाकों में जहाँ उमस का दौर है, वहीं पहाड़ों पर जून के महीने में भी बर्फबारी और बारिश का सिलसिला जारी है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, प्रदेश में 9 जून तक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय रहेगा, जिसके कारण आगामी दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तेज अंधड़, ओलावृष्टि और आसमानी बिजली गिरने की आशंका है। मौसम विभाग ने इसे लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मनाली में भारी बारिश
बुधवार को लाहुल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात (स्नोफॉल) दर्ज किया गया, जबकि प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में भारी वर्षा हुई। राजधानी शिमला में भी दोपहर बाद बादल छाए और बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ।
इसके अलावा, बीते 24 घंटों में रोहड़ू में सबसे अधिक 30 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं राजगढ़ में 20 मिमी, मनाली व मुरारी देवी में 6-6 मिमी और जोगेंद्रनगर में 5 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का 'येलो अलर्ट'
मौसम विभाग ने 4 जून से लेकर 6 जून तक के लिए विशेष चेतावनी जारी की है:
4 जून (वीरवार): कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की संभावना है। चंबा जिले के लिए भारी बारिश और बिजली चमकने का येलो अलर्ट है।
5 जून (शुक्रवार): चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का येलो अलर्ट रहेगा।
6 जून (शनिवार): चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिले में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के आसार हैं।
फसलों को नुकसान की आशंका, किसानों के लिए एडवाइजरी
बेमौसम आंधी और ओलावृष्टि के कारण बागवानों और किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस मौसम से सेब, चेरी, प्लम के साथ-साथ टमाटर और शिमला मिर्च की नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। खराब मौसम और बिजली कड़कने के दौरान खेतों में काम कर रहे किसान और आम लोग ऊंचे पेड़ों और टीन शेड (लोहे की छतों) के नीचे आश्रय न लें। सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।