हिमाचल प्रदेश के युवाओं को सरकार विदेश में नौकरी के लिए भेज रही है। कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और मंडी से शुरुआत की गई है। मंडी के 44 युवा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में बाइक राइडर के तौर पर कार्य करेंगे।
संयुक्त अरब अमीरात में इन बाइक राइडरों को लाखों का सैलरी पैकेज मिल रहा है। विदेशों में नौकरी पाने का युवाओं का सपना अब साकार हो रहा है और इसके लिए सरकार मदद कर रही है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रोजगार के लिए मंडी में आयोजित साक्षात्कार के दौरान बाइक राइडर के पदों के लिए 44 युवाओं तथा वेयरहाउस हेल्पर के पदों के लिए पांच अभ्यर्थियों का चयन किया है।
बाइक राइडर को मासिक 70 हजार से एक लाख रुपए जबकि वेयरहाउस हेल्पर को 34 हजार रुपए की आय होगी। वेतन के साथ उन्हें टिप, कमीशन तथा आवास एवं यातायात की सुविधा भी दी जाएगी।
ठगी से मुक्ति और सुरक्षा की गारंटी
मुख्यमंत्री की इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य फर्जी एजेंटों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी को रोकना है। विदेश मंत्रालय के नियमों के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य इलैक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के माध्यम से यह भर्तियां पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही हैं।
यह प्रोजेक्ट पायलट आधार पर कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और मंडी में शुरू किया गया है। खास बात यह है कि चयनित युवाओं को विदेश में किसी भी समस्या पर वहां स्थित भारतीय दूतावास से मदद की सुविधा भी मिलेगी।
चार जिलों के युवाओं की लॉटरी
रोजगार अधिकारी अक्षय कुमार ने बताया कि कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा एचपीएसईडीसी के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई है। श्रम, रोजगार एवं ओवरसीज प्लेसमेंट विभाग, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से एचपीएसईडीसी यह भर्तियां कर रहा है। इस पहल को पायलट आधार पर प्रदेश के चार जिलों कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना तथा मंडी में शुरू किया गया है।
विदेश में अपने कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में संबंधित देश में स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।