मंडी
मंडी के अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले की रौनक शुरू होने वाली है और देव-मिलन की इस पावन बेला में देवी-देवताओं का आगमन शुरू हो गया है। इसी कड़ी में सोमवार को इलाका उत्तरशाल की आराध्य देवी आदि शक्ति मां चंडी अपने मूल स्थान कटौला से पूरी भव्यता के साथ मंडी शहर के लिए रवाना हुईं।
माता की पालकी को फूलों और पारंपरिक आभूषणों से विशेष रूप से सजाया गया था। जैसे ही माता अपने मंदिर से बाहर निकलीं, पूरा कटौला क्षेत्र "जय मां चंडी" के जयकारों से गूंज उठा।
इस दौरान ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की मधुर ध्वनि ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के साथ पैदल यात्रा करते हुए मंडी के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। माता के साथ चल रहे कारदार और देवलु अपनी पारंपरिक वेशभूषा में माता के रथ को उठाकर शिवरात्रि मेले की ओर बढ़ रहे हैं।
कटौला स्थित माता का मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि मां चंडी अपने भक्तों के दुखों का निवारण करती हैं। संतान सुख, उत्तम स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दरबार में शीश नवाने आते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माता के आशीर्वाद से ही क्षेत्र में शांति और खुशहाली बनी रहती है।
मंडी का अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेला देवी-देवताओं के मिलन का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीक है। मां चंडी का इस मेले में भाग लेना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। माता की इस पावन यात्रा के दौरान रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालु माता का स्वागत कर रहे हैं और आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।