निहान काशी क्षेत्र में पानी की समस्या दिनों-दिन विकराल रूप ले रही है। सप्ताह में सिर्फ एक बार आ रही पेयजल सप्लाई ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। विभागीय अधिकारियों से बार-बार शिकायतों के बावजूद आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
धारदार पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां पानी के वैकल्पिक स्रोत भी उपलब्ध नहीं, जिसके चलते लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते दो सालों से समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन हाल जानने वाला कोई नहीं। रविवार को अपने दौरे के दौरान पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग निहान काशी पहुंचे, जहां लोगों ने खुलकर अपना दुखड़ा उनके सामने रखा।
ग्रामीणों ने बताया कि पानी न होने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो उन्हें उग्र कदम उठाने पड़ेंगे।लोगों की समस्या सुनने के बाद राजेंद्र गर्ग ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि “प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सत्तासीन होते ही जनता हजारों समस्याओं से जूझ रही है। घुमारवीं के चुने हुए विधायक एवं सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी अपने क्षेत्रों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहे।
तकनीकी शिक्षा मंत्री लोगों की समस्या का समाधान करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। गर्ग ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि यदि निहान काशी की पानी की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो विभागीय कार्यालय और संबंधित अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पानी जीवनरेखा है और इसकी उपेक्षा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।